सिम्स में आक्सीजन रसोइये वार्ड ब्वाय, सफाई कर्मी, टेलीफोन आपरेटर के भरोसे
सिम्स में उन मरीजों की जान खतरे में पड़ी प्रतीत हो रही है। जिन्हे आक्सीजन नाइट्रस जरूरी
जीवनदायनी गैस उपचार के लिए प्रदाय की जाती है। यहां जो गैस प्लांट है उसका ठेका समाप्त
हो गया है जाने से पहले कम्पनी ने सिम्स के उन कर्मियों को आधा-अधूरा ज्ञान दिया जो कि
पहले से ही उसका कार्यदायित्व देख रहे है। अब कुछ सफाई कर्मी वार्ड ब्वाय टेलीफोन आपरेटर
गैस प्लांट का संचालन कर रहे है। जबकि कम्पनी ने विशेष रूप से जिन तीन युवकों को प्रशिक्षित
किया उन्हे बाहर बिठा दिया गया है।
सिम्स में गैस प्लांट काफी मशक्कत के बाद लगाया जा सका था। इस प्लांट के जरिये
मरीजों के बिस्तर तक उन्हे आक्सीजन पहुंचायी जाती है। इस प्लांट की आपरेटिंग तथा मेंटनेन्स
का ठेका दिल्ली की एक कम्पनी एमडीडी को दिया गया था। इस कम्पनी का ठेका अब समाप्त हो
चुका है।
ठेका शर्तो के अनुसार कम्पनी को सिम्स द्वारा उपलब्ध कराये गये कर्मियों को ठेका अवधि
में गैस प्लांट के संचालन का प्रशिक्षण देना था सिम्स ने कर्मचारी तो दिये पर दिक्कत यह हो रही
है कि जिन कर्मियों को सिम्स ने प्रशिक्षित कराया है वह सिम्स के रसोइयें वार्ड ब्वाय सफाई कर्मी
इलेक्ट्रिशियन लाउंड्री तकनीशियन टेलीफोन आपरेटर है। उनका पहले से ही कार्य तय है उस पर
गैस प्लांट के संचालन का तकनीक दायित्व थमा दिये गया जो कि महत्वपूर्ण है। अब समस्या यह
आ रही है कि इन कर्मियों को अपने मूल कार्यदायित्व को देखना पड़ता है तो प्लांट प्रभावित होता
है यदि सिर्फ प्लांट का कामकाज देखेंगे तो मूल कार्य ऐसे में इन कर्मियों को दोनो ही कार्यदायित्व
आधे अधूरे ढंग से करना पड़ रहा है।
वैसे भी यह समझा जा सकता है कि कुछ वार्ड ब्वाय सफाई कर्मी जैसे कर्मचारी गैस प्लांट
जैसे संवेदनशिल कार्य को कैसे कर पायेंगे। थोड़ी सी असावधानी किसी की जिंदगी का सफर तय
कर सकती है।
बिजली चोरी करने वाले पकड़े जाने के बावजूद कोई सजा नही
विद्युत वितरण कम्पनी ने देवरीखुर्द स्थित रेल विहार कालोनी में छापा मार कर दस मकानों में
डायरेक्ट हुकिंग कर बिजली चोरी का मामला पकड़ा था। इसके बाद दस में से मात्र एक ने
विधिवत कनेक्शन लिया है वही शेष लोगों को मुत में बिजली दी जा रही है। बिजली अधिकारियों
की जानकारी मे होने के बाद भी डायरेक्ट बिजली का उपयोग करने वालों के खिलाफ कार्रवाई
नही की जा रही है।
देवरीखुर्द स्थित रेल विहार कालोनी में रहने वाले अधिकांश लोग बिना विधिवत बिजली
कनेक्शन लिए डायरेक्टर हुकिंग कर बिजली चोरी कर रहे है । इसकी सूचना मिलने पर एक माह
पहले सिटी विजीलेंस टीम के साथ मिलकर छापामार कार्रवाई की थी। वहां पाया गया है कि
कालोनी के लोगों ने एलटी लाइन से एक तार खिंचा गया था। जिसको बांस के खम्भें के सहारे
कालोनी तक लाया गया था। जहां से कालोनी के कई लोग सालों से बिजली चोरी कर रहे थे।
बिजली कम्पनी ने उक्त कार्रवाई के दौरान कालोनी के दस उपभोक्ताओं को डायरेक्ट हुकिंग कर
बिजली चोरी करते हुए पकड़ा।
इसके बाद उनके खिलाफ बिजली चोरी का प्रकरण बनाया गया है। साथ ही सभी को
जुर्माने के साथ चोरी की बिजली का बिल जारी किया। वहां रहने वाले अधिकांश लोग रेल
कर्मचारी है। इसलिए बिजली कम्पनी द्वारा चोरी का बिजली का बिल जारी करने के साथ ही
अधिकांश लोगों ने उसका भुगतान कर दिया।
उक्त लोगों से पूर्वी डिवीजन, तोरवा जोन के अधिकारियों ने तत्काल विधिवत कनेक्शन लेने
की बात कही थी। इसके बाद भी एक माह बितने पर भी दस में से मात्र एक ग्राहक ने विधिवत
बिजली कनेक्शन लिया है। शेष लोग अभी भी डायरेक्ट हुकिंग कर बिजली चोरी कर रहे है।
इसकी जानकारी बिजली अधिकारियों को है। इसके बाद भी उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नही की
जा रही है। जिसके कारण विद्युत वितरण कम्पनी को नुकसान उठाना पड़ रहा है।
विद्युत वितरण कम्पनी का नियम है कि बिजली चोरी करते पकड़ाये उपभोक्ता का सबसे
पहले बिजली कनेक्शन काटा जाता है। उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाती है। छापामार
कार्रवाई में रेल विहार पहुंचे बिजली अधिकारियों ने किसी बिजली चोर के मकानो की बिजली नही
काटी। जिसके कारण उक्त लोग अभी भी मुत में बिजली का उपयोग कर रहे है।
सीवरेज सिस्टम के संवाद में कंपनी के अधिकारियों की खिंचाई
अंडरग्राउंड सीवरेज सिस्टम की जानकारी देने के लिए आयोजित संवाद में जमकर हंगामा हुआ। प्रबुद्धजनो ने सीवरेज सिस्टम को लेकर कई सवाल उठाए, वही कांग्रेस के नेताओं ने सिम्प्लेक्स कंपनी के अधिकारियों की खिंचाई भी कर डाली।
शहरवासियों की परेशानी का कारण बने अंडरग्राउंड सीवरेज सिस्टम के कार्य की विस्तृत जानकारी देने के लिए देवकीनंदन सभागार में संवाद का आयोजन किया गया। इसमे शहर के प्रबुद्धजनो, डाक्टर, वकीलों, इंजीनियरों, जनप्रतिनिधियों सहित आम नागरिकों को आंमत्रित किया गया था। कार्यक्रम में महापौर श्रीमती वाणीराव कांग्रेस के पार्द्गाद व नेता उपस्थित रहे, वही भाजपा के पार्षद नही आए। सबसे पहले सिम्पलेक्स कम्पनी एवं मेनहार्ट के मैनेजर ने महापौर के समक्ष भूमिगत नाली योजना का प्रजेंटेंशन दिया। उसके बाद सवाल जवाब का दौर शुरू हो गया।
पाइप की गुणवत्ता को लेकर द्राहर के एक उद्योगपति ने सिम्पलेक्स को लगभग निरूत्तरित कर दिया उन्होने पूछा कि बतायें कि पाइप आईएसआई मार्का है कि नही जिसका जवाब नही में मिलते ही वहॉं बैठे लोग भड़क उठे, सिम्पलेक्स ने यह भी माना कि कोई भी शासकीय एजेंसी सर्टिफाइड नही कर रही। उद्योगपति ने कहा
आईएसआई मार्का के बिना तो किसानों तक को पम्प पाइप नही बेच सकते। सम्पूर्ण स्वच्छता अभियान में उपयोग किये जारहे छोटे पाइप भी आईएसआई मार्क के होते है। इतने बड े प्रोजेक्ट में गुणवत्ता को कैसे नजरअन्दाज करा जा सकता है।
सड क पर कई टूटे-फूटे पाइप देखने से शका और बढ रही है। कम्पनी की ओर से जवाब दिया गया कि एमओयू में ऐसा कुछ नही है।
बरसात में सड क बनाने के सवाल पर कम्पनी द्वारा मुख्य सडको को बनाने की बात कही गई। अन्य सड को को नही बनाए जाने की जानकारी मिलने पर जमकर हंगामा हुआ। वही इंजीनियर नाली व भूमिगत नाली के काम को लेकर उठाए गए सवाल का जवाब नही दे सके।
कार्यशला में बैठे कांग्रेस नेताओं ने इस कार्य में भ्रद्गटाचार का आरोप लगाते हुए हंगामा मचाना शुरू कर दिया।
बढ़ रही है सड कों पर मौते
बिलासपुर जिला में जनवरी का महीना सड क दुर्घटनाओं के नाम पर काला महीना साबित
हो गया है। इस माह ३१ दिनों में सड क दुर्घटना में १७ लोगों की मौत हुई है। फरवरी
की ुरूआत भी सड क दुर्घटना के साथ हुई है। पिछले कुछ सालों में द्राहरी और
ग्रामीण इलाकों में वाहनों की संखया में बेतहाच्चा वृद्धि हुई है। इससे द्राहर की
अंदरूनी सड को का यातायात तो बढा ही है, ग्रामीण इलाकों की सड को पर भी फर्राटे से
दो पहिया और चार पहिया वाहनों के अलावा भारी वाहन दौड रहे है। पिछले कुछ माह से
द्राहर एवं ग्रामीणों क्षेत्रों में चल रहे सड क निर्माण को भी दुर्घटना का बड ा
कारण माना जा रहा है। जनवरी माह में यातायात पुलिस ने सड क सुरक्षा सप्ताह मनाया,
इसी माह जिले के सड क दुर्घटना में १७ लोगों की मौत हो गई। इससे जाहिर है कि पुलिस
लोगों को यातायात के संबंध में जागरूक करने में नाकाम रही है।
जनवरी माह में हुई सड क दुर्घटना मौत
३ जनवरी - कानन पेंडारी ट्रक से कुचलकर भरनी निवासी दीनदयाल साहू की मौत
६ जनवरी - काली ढाबा, ट्रक से कुचलकर सिलपहरी निवासी मनराखन पाल,छतलाल यादव की मौत
६ जनवरी - चोरभट्ठी, चोरभट्ठी के पास कार-मारूती में भिडंत, एक की मौत
१३ जनवरी - हिर्री बैतलपुर, पिकप - ट्रक में भिडंत तीन की मौत
१४ जनवरी - पेण्ड्रा बजरंग चौक , पिकप की ठोकर से मां पुद्गपादेवी बेटी प्रांची की
मौत
१५ जनवरी - मुंगेली, ट्रेक्टर - बाइक में भिडंत, भरेन्द्र की मौत
१७ जनवरी - कोटा, पिपर तराई टक से कुचलकर, रामलाल साहू की मौत
२१ जनवरी - पेण्ड्रा बस से कुचलकर गनपतियॉं बाई की मौत
२४ जनवरी - रानीगॉंव अज्ञात वाहन से रमेच्च दुबे की मौत
२७ जनवरी - गतौरी खड ी हाइवा से टकराकर लक्ष्मीकांत की मौत
२७ जनवरी - मुंगेली चिरहुला में बस पलटने से राजू ठाकुर की मौत
२७ जनवरी - पेण्ड्रा मेटाडोर पेड से टकराई दुर्गा प्रसाद गोड की मौत
३१ जनवरी - हिर्री बेलतरा टेंकर से कुचलकर मजदूर रामसुंदर की मौत
वाहन चलाते वक्त मोबाईल का इस्तेमाल न करें
मनोरोग विशेषज्ञों का कहना है कि मोबाइल पर बात करते समय कान की इंद्रिया उत्तेजित हो जाती है। इससे लोग सबसे नजदीकी चीज को फोकस नही कर पाते। फलस्वरूप सामने वाली वस्तु को नही देख पाते।
लोगों से इमोशनली अटैच होने के कारण बाइक पर चलते समय लोग यह सोचते है कि फोन करने वाला व्यक्ति कोई अपना है और फोन उठा लेते है लेकिन यह गलत है। यही दुघटनाओं को आमंत्रित करता है।
मोबाईल से बतियाने के चक्कर में द्राहर में मोबाइल पर बात करने के दौरान कई प्रकार की दुर्घटनाए हो चुकी है।
नेहरू चौक, सत्यम चौक, बस स्टैंड के पास, गोलबाजार और सदर बाजार में एक माह के भीतर एक दर्जन से अधिक हादसे हो चुके है। कुछ कार तो कुछ सायकल व डिवाइडर से टकरा चुके है। कोनी रोड पर मोबाइल पर बात करते आ रहे इंजीनियरिंग कालेज के छात्र नरेच्च वाधवानी की बाइक ट्रक से टकरा गई और उसे गंभीर चोटे आई।
एटीएम का उपयोग करते समय ध्यान दे।
एटीएम का उपयोग करते समय ध्यान दे।
*. एटीएम से रूपए निकालने की जानकारी न हो तो परिजनों की मदद ले।
*. एटीएम मे यदि कोई आपको मदद के लिए कहे तो साफ मना कर दे।
*. यदि जरूरी हुआ तो कोड नंबर खुद डायल करे। दूसरो को कतई न बताए।
*. प्रोसेस पूरा होने के बाद भी राच्चि का आहरण न हो तो कैंसिल वाला बटन दबाए और स्क्रीन को देखें।
*. पर्ची को ध्यान से देखे, रूपए ने निकला हो और राच्चि आहरण की जानकारी तो नही है।
*. अगर समझ में न आए तो एटीएम में बैंक अधिकारियों के मोबाईल नंबर लिखे होते है उनके काल कर संपर्क करें।
*. एटीएम में किसी तरह का संदिग्ध व्यक्ति नजर आए तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें।
कैसे होता है एटीएम में घपला
आरोपी मौका पाकर व्यस्तम इलाके के किसी भी एटीएम में जाकर वहॉं की पैड की इंटर बटन को
माचिस की तीली के टुकड़े से ब्लाक कर देते है। यह आम लोगों को नजर नही आता है। कोई व्यक्ति जब
रूपए निकालने जाता है। तो प्रोसेस के बाद आहरण पर्ची तो बाहर निकल आता है। पर रूपए नही आते है।
ग्राहक के चले जाने के बाद आरोपी पिन से की पैंड के इंटर में लगे लकड ी को निकाल कर उसे एक्टिव
कर लेते है। इससे प्रोसेस द्राुरू हो जाता है। और ग्राहक की आहरण राच्चि बाहर आ जाती है। कई बार
आरोपी ग्राहक को मदद करने का झांसा देकर उसका कोड नंबर पूछ लेते थे। एटीएम आपरेट नही होने पर
ग्राहक चला जाता है। इसके बाद ये लोग घटना को अंजाम देते है। द्राहर के सीपत चौक कलेक्टोरेट एवं
रघुराज सिंह स्टेडियम के पास लगे एटीएम में उन्होने इसी तरीके से रूपए निकाले है। पुलिस ने सभी को
सीसीटीवी फुटेज कर ली हैं।
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